कैसे चिंता, रोग, दुख और बुढापे से मुक्त हों

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यह पुस्तक सही मार्ग को स्पष्ट करती है और उस परम सत की व्याख्या करती है जिसमें सभी इच्छाओं की पूर्ति का और जीवन में पूर्ण आनंद का भेद छिपा है। साथ ही यह पुस्तक दुख-दर्द, चिंताओं, रोगों, कष्टों और बुढापे से पूर्णतः मुक्त जीवन की कुंजी प्रदान करती है ।

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हमारे ग्रंथों में एक गुप्त विज्ञान छिपा है जो कि मानवता को चिंताओं, रोगों, दुखों और बुढापे से मुक्ति का एकमात्र मार्ग बतलाता है। यह गुप्त विज्ञान इस संसार में कोई जान या समझ न सका और इसीलिए कोई भी इन सभी चीजों से मुक्त न हो सका। इसी गुप्त विज्ञान का भेद और इसकी समझ अब ग्रंथों के रचयिता यानि ईश्वर से ही एक चुने हुए व्यक्ति के माध्यम से प्राप्त हुई है। इस पुस्तक में इसी गुप्त विज्ञान पर उसी चुने हुए व्यक्ति के द्वारा किए गए सतसंगों का संकलन किया गया है। इस पुस्तक में इस गुप्त विज्ञान की बडी गहनता से व्याख्या की गई है और इसे पढ कर हमें उस सही मार्ग का ज्ञान मिलता है जिसको धारण करके और दैनिक जीवन में जिस पर चल कर मनुष्य सभी दुख-दर्द और रोगों से मुक्त हो सकता है। आसान भाषा में प्रस्तुत यह पुस्तक समझने और पढने में बडी ही सरल है। इस विज्ञान के भेदों को निरंतर और बार-बार पढने से व्यक्ति सही मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सकता है क्योंकि फिर इससे संबंधित सभी तथ्य स्पष्ट होते जाते हैं। यह पुस्तक फिलहाल केवल हिंदी में उपलब्ध है पर शीघ्र ही इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित होगा।

Language

English, Hindi

1 review for कैसे चिंता, रोग, दुख और बुढापे से मुक्त हों

  1. Vernon

    Great article, totally what I needed.

    Also visit my blog post … David Smith

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